सौ गुना बढ़ जाती है खूबसूरती, महज मुस्कुराने से, फिर भी बाज नहीं आते लोग,
 बुरा सा मुह बनाने से.



भूल होना "प्रक्रति" है,
मान लेना "संस्कृति" है,
और उसे सुधार लेना "प्रगृति" है